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सन्नो कय थैली हेराय गै मन्नो वहि का पाइनि मन्नो समझिनि रुपिया होइहैं धीरे ते मुसकाइनि अइसी वइसी देखि - दाखि कय झउआ तरे छुपाइनि सन्नो वहिमा खाली फीता धरे रहीं गुड़ियाइनि अवधी भावानुवाद : प्रदीप कुमार शुक्ल Lucy Locket Lucy Locket lost her pocket, Kitty Fisher found it; Not a penny was there in it, Only ribbon round it.
चांद अउर तारे अउर दुनिया / चार्ल्स बुकोव्स्की ------------------------------------------------- राति मा दूरि तक टहरति बखत- आतमा जुड़ाय जाय : जब निगाह खिरकिन पर अटकति है देखि कै दिन भर की थकी मेहरारुन का जिउ भरि लडै़ कै कोसिस करति दारू मा धुत्त अपने मंसवन ते l ( अवधी प्रस्तुति : प्रदीप शुक्ल )
5 Little Monkeys Jumping on the Bed - Mother Goose ( अवधी भावानुवाद ) पांच बंदरवा नान्ह केर सब कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर अम्मा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर चारि बंदरवा नान्ह केर सब कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर बप्पा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर तीनि बंदरवा नान्ह केर सब कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर अम्मा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर दुई ठो बांदर नान्ह केर उई कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर बप्पा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर एकु बंदरवा नान्ह केर यहु कूदै बिस्तर पर वहौ गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर अम्मा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर सारे बांदर पहुड़ि जायं अब सीधे बिस्तर पर - प्रदीप शुक्ल
हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै ----------------------------------- हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै जब हम सोवै चलेन दिनु बहुतु निमन रहै औ पुरवैया धीरे ते बहि चली हम कहेन, " अब यहु हमरहे पास रही " हम जागेन - हमरी अंगुरिन का मुहुँ बिराय कै रतनु जय चुका रहै आउरु अब, फिरोजी यादन के सिवा हमरे पास कुच्छौ न अहै - एमिली डिकिन्सन ( अवधी अनुवाद - प्रदीप शुक्ल ) I held a Jewel in my fingers - by Emily Dickinson -------------------------- I held a Jewel in my fingers -- And went to sleep -- The day was warm, and winds were prosy -- I said "'Twill keep" -- I woke -- and chid my honest fingers, The Gem was gone -- And now, an Amethyst remembrance Is all I own --
हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै ----------------------------------- हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै जब हम सोवै चलेन दिनु बहुतु निमन रहै औ पुरवैया धीरे ते बहि चली हम कहेन, " अब यहु हमरहे पास रही " हम जागेन - हमरी अंगुरिन का मुहुँ बिराय कै रतनु जय चुका रहै अब खाली फिरोजी यादैं बची हैं हमरे पास - एमिली डिकिन्सन ( अवधी भावानुवाद - प्रदीप शुक्ल ) I held a Jewel in my fingers - by Emily Dickinson -------------------------- I held a Jewel in my fingers -- And went to sleep -- The day was warm, and winds were prosy -- I said "'Twill keep" -- I woke -- and chid my honest fingers, The Gem was gone -- And now, an Amethyst remembrance Is all I own --
रास्ता आसान था चलता हुआ पंखा रुक गया था रस्सी नीचे तक लटक आई थी और स्टूल ठीक उसके नीचे था कहीं कोई संसय नहीं था जब मैं बिलकुल आसान रास्ते पर चलने के लिए तैयार था झूलती हुई रस्सी मैं गले में डाल चुका था पैसों के मोह से बहुत दूर निकल चुका था पैरों से स्टूल सरकाता कि उससे पहले मेरी निगाह मेरे बचपन की एक फोटो पर जम गई तब मुझे अहसास हुआ कि अब दिन का उजाला मैं कभी नहीं देख पाऊंगा फोटो मेरे हाथ में थी और मैं सोच रहा था इस बच्चे के पास कोई योजना नहीं थी कोई मांग नहीं थी अपना पक्ष चुनने में उसे कोई हिचकिचाहट नहीं थी उसकी आँखों में थी एक विशेष चमक उसकी छोटी आँखों में थीं बड़ी उम्मीदें वह नहीं था किसी लकीर का फकीर उसके पास थी ताकत किसी भी झंझावात को पार करने की आज मैंने उस बच्चे को अपमानित किया इस निराश करती दुनिया के आगे समर्पण कर लेकिन अभी बहुत देर नहीं हुई थी और मैं किसी शूरवीर से कम नहीं था बस उठा कर तलवार मैं चाह रहा था निकलना उस सड़क पर जहां मैं अपने सपनों को खोजते हुए पहुँच सकूं अपनी मनचाही जगह रास्ता आसान था - प्रद्युम्न शुक्ला The Easy Way Out The fan was stopped...
5 Little Monkeys Jumping on the Bed - Mother Goose ( अवधी भावानुवाद ) पांच बंदरवा नान्ह केर सब कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर अम्मा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर चारि बंदरवा नान्ह केर सब कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर बप्पा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर तीनि बंदरवा नान्ह केर सब कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर अम्मा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर दुई ठो बांदर नान्ह केर उई कूदैं बिस्तर पर एकु गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर बप्पा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर अब कउनो बांदरु ना उलरी द्याखौ बिस्तर पर एकु बंदरवा नान्ह केर यहु कूदै बिस्तर पर वहौ गिरि गवा खाले, गूमडु निकरा वहिके सर अम्मा कहिनि, डाकटरु आवा बोलिसि आला धर सारे बांदर पहुड़ि जायं अब सीधे बिस्तर पर - प्रदीप शुक्ल
का का करिया भेड़ का का करिया भेड़ राखेव है का ऊन हां, भाई, हाँ भाई तीनि कारटून एकु हमरे मालिक का एकु लेहैं घरैतिन एकु नान्ह लरिका का रहै हमरे कैतिन - प्रदीप कुमार शुक्ल ( ' बा बा ब्लैक शीप ' का भावानुवाद )
हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै ----------------------------------- हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै जब हम सोवै चलेन दिनु बहुतु निमन रहै औ पुरवैया धीरे ते बहि चली हम कहेन, " अब यहु हमरहे पास रही " हम जागेन - हमरी अंगुरिन का मुहुँ बिराय कै रतनु जय चुका रहै अब खाली फिरोजी यादैं बची हैं हमरे पास - एमिली डिकिन्सन ( अवधी भावानुवाद - प्रदीप शुक्ल ) I held a Jewel in my fingers - by Emily Dickinson -------------------------- I held a Jewel in my fingers -- And went to sleep -- The day was warm, and winds were prosy -- I said "'Twill keep" -- I woke -- and chid my honest fingers, The Gem was gone -- And now, an Amethyst remembrance Is all I own --
इंगी टिंगी मकरी इंगी टिंगी मकरी पनारा पर चढ़ी बारिस आई धुलि कै नीचे गिरि परी सूरज दादा आये सूखि गवा पानी फिरि चढ़ै लागीं इंगी महरानी ( Incy Wincy spider - का अवधी भावानुवाद ) - प्रदीप कुमार शुक्ल
झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा को आहिउ, मनु चकितु हमारा एतने ऊपर आसमान मा चमकौ हीरा अस जहान मा सूरजु जब बरिकै बुझि जावै कउनिव चीज न चमका पावै तब तुम्हारि झिलमिल रोसनी सारी राति रहै फिरि बनी अंधियारे मा राही द्याखैं चिनगी देखि-देखि गुन भाखैं अउरिव कइती उई देतीं चलि जौ न होति तुम्हारि यह झिलमिलि नीला आसमान तुम राखौ परदे की झिर्री ते झाँकौ कब्बौ आँखि बंद ना कीन्हेव जब तक सूरजु देखि न लीन्हेव चमकदार रोसनी चिरैया राहिन के तुम राह देखैया जानि न पावा बहुतु बिचारा झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा को आहिउ, मनु चकितु हमारा इतने ऊपर आसमान मा चमकौ हीरा अस जहान मा झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा को आहिउ, मनु चकितु हमारा को आहिउ, मनु चकितु हमारा ( अवधी भावानुवाद ) - प्रदीप कुमार शुक्ल
हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै  ----------------------------------- हमरी अंगुरिन मा जवाहिरात रहै जब हम सोवै चलेन दिनु बहुतु निमन रहै औ पुरवैया धीरे ते बहि चली हम कहेन, " अब यहु हमरहे पास रही " हम जागेन - हमरी अंगुरिन का मुहुँ बिराय कै रतनु जय चुका रहै आउरु अब, फिरोजी यादन के सिवा हमरे पास कुच्छौ न अहै - एमिली डिकिन्सन ( अवधी अनुवाद - प्रदीप शुक्ल ) I held a Jewel in my fingers - by Emily Dickinson -------------------------- I held a Jewel in my fingers -- And went to sleep -- The day was warm, and winds were prosy -- I said "'Twill keep" -- I woke -- and chid my honest fingers, The Gem was gone -- And now, an Amethyst remembrance Is all I own --