झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा
झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
एतने ऊपर आसमान मा
चमकौ हीरा अस जहान मा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
एतने ऊपर आसमान मा
चमकौ हीरा अस जहान मा
सूरजु जब बरिकै बुझि जावै
कउनिव चीज न चमका पावै
तब तुम्हारि झिलमिल रोसनी
सारी राति रहै फिरि बनी
कउनिव चीज न चमका पावै
तब तुम्हारि झिलमिल रोसनी
सारी राति रहै फिरि बनी
अंधियारे मा राही द्याखैं
चिनगी देखि-देखि गुन भाखैं
अउरिव कइती उई देतीं चलि
जौ न होति तुम्हारि यह झिलमिलि
चिनगी देखि-देखि गुन भाखैं
अउरिव कइती उई देतीं चलि
जौ न होति तुम्हारि यह झिलमिलि
नीला आसमान तुम राखौ
परदे की झिर्री ते झाँकौ
कब्बौ आँखि बंद ना कीन्हेव
जब तक सूरजु देखि न लीन्हेव
परदे की झिर्री ते झाँकौ
कब्बौ आँखि बंद ना कीन्हेव
जब तक सूरजु देखि न लीन्हेव
चमकदार रोसनी चिरैया
राहिन के तुम राह देखैया
जानि न पावा बहुतु बिचारा
झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा
राहिन के तुम राह देखैया
जानि न पावा बहुतु बिचारा
झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा
झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
इतने ऊपर आसमान मा
चमकौ हीरा अस जहान मा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
इतने ऊपर आसमान मा
चमकौ हीरा अस जहान मा
झिलमिल-झिलमिल छोटका तारा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
को आहिउ, मनु चकितु हमारा
( अवधी भावानुवाद )
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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