वहु आवै तो चम्पा फूलै
जियरा जाड़ा गरमी भूलै
बहका बहका घूमि रहा मनु
का सखि साजनु? नाहीं ' फागुनु '
हमरे साथ किहिसि वहु ध्वाखा
अब रहिगा वहु खाली ख्वाखा
मरै सार कहुं जाय मतलबी
सखी पिरेमी? ना, ' पीएनबी '
लगता था वह अब न आएगा
हमको शायद भूल जाएगा
पर वह कहां सुधरने वाला? क्या सखि प्रेमी?
न, ' घोटाला '
कुरता पहिने तिलक लगाए
हम बैठे थे कुछ घबराए
अचकन भगवा रँग में रंगी
क्या सखि साजन? ना, ' बजरंगी '
उसकी ये नयनों की भाषा, सरे आम हो गया तमाशा
चर्चा पहुँच गई आकाश l क्या सखि साजन? प्रिया प्रकाश
जियरा जाड़ा गरमी भूलै
बहका बहका घूमि रहा मनु
का सखि साजनु? नाहीं ' फागुनु '
हमरे साथ किहिसि वहु ध्वाखा
अब रहिगा वहु खाली ख्वाखा
मरै सार कहुं जाय मतलबी
सखी पिरेमी? ना, ' पीएनबी '
लगता था वह अब न आएगा
हमको शायद भूल जाएगा
पर वह कहां सुधरने वाला? क्या सखि प्रेमी?
न, ' घोटाला '
कुरता पहिने तिलक लगाए
हम बैठे थे कुछ घबराए
अचकन भगवा रँग में रंगी
क्या सखि साजन? ना, ' बजरंगी '
उसकी ये नयनों की भाषा, सरे आम हो गया तमाशा
चर्चा पहुँच गई आकाश l क्या सखि साजन? प्रिया प्रकाश
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