धूप से चुगली
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जाते जाते सर्दी बोली
धूप बहन तुम आओ
हमको जमकर कोस रहे जो
उनको मजा चखाओ
धूप बहन तुम आओ
हमको जमकर कोस रहे जो
उनको मजा चखाओ
पहले तो हमको बोला था
आओ आओ आओ
अब समवेत स्वरों में कहते
जाओ जाओ जाओ
आओ आओ आओ
अब समवेत स्वरों में कहते
जाओ जाओ जाओ
अभी कह रहे आओ बैठो
खेलो धूप कुमारी
कुछ दिन में भागेंगे जैसे
सूरत दिखे तुम्हारी
खेलो धूप कुमारी
कुछ दिन में भागेंगे जैसे
सूरत दिखे तुम्हारी
अच्छा ख़ासा नर्म गुलाबी
मौसम मैं लाई थी
लोगों के सौ ताने सुनकर
मैं तो चकराई थी
मौसम मैं लाई थी
लोगों के सौ ताने सुनकर
मैं तो चकराई थी
जाते हुए भयंकर ठंडक
मैंने भी फैलाई
थर थर कांप रहे हैं सारे
ओढ़े कई रजाई
मैंने भी फैलाई
थर थर कांप रहे हैं सारे
ओढ़े कई रजाई
धूप बहन सब अभी तुम्हारे
साथ करें याराना
याद रखो लेकिन तुमको
पड़ जाएगा पछताना
साथ करें याराना
याद रखो लेकिन तुमको
पड़ जाएगा पछताना
मैं तो चली बहन छुट्टी पर
इनको तुम्ही सँभालो
मुझे भगाया इन लोगों ने
तुम भी इन्हें उबालो.
इनको तुम्ही सँभालो
मुझे भगाया इन लोगों ने
तुम भी इन्हें उबालो.
- प्रदीप शुक्ल
27.01.2016
27.01.2016
( रिपोस्ट )
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