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संता बाबा
राम राम
वइसे तो तुम आजु काफी बिजी होइहो यही बरे हम स्वाचा तुमका चिट्ठी लिखि देई l पता नहीं कि हमार नम्बरु तुमरे मोबाइल मा नोट है कि नहीं l तऊं कहां तक, औ कहिका कहिका नम्बर राखौ तुम, बड़े बवाल हैं तुमरे जी का, हम जानिति नहीं का l भोरहें ते लाग होईहो l राम जानै तुम सबका कइसे खुस करति होइहौ, हियाँ तो दुई बालक जिउ अघवा देति हैं l खैर यहु तुम्हार कामु आय तुम जानौ l
हमका तौ चिंता यहि बात केरि है कि तुम भोरउखे मोहल्ला मा अइहौ लाल झिंगोला पहिरि क, औ हियाँ मोहल्ले मा कुछु कूकुरु बौरान घूमि रहे हैं l कहूं काटि जो लिहिनि तौ तुम्हरी तरफ वाले अखबार मारि रँगि डरिहैं उल्टा सीध लिखि लिखि कै l
तो हमारि गुजारिसि है कि ' अम्माजान ' ते सबका गिफ्ट भेजवा दीन्हेव l बाक़ी जउन तुम्हारि मरजी l
थ्वारा लिखे का थ्वारै समझेव, जादा दिमाग न लगाएव l
राम - राम
सुकुल
भउकापुर ते

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