एक नन्हे सितारे की कहानी
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बहुत दूर
नीले अम्बर में
था जो एक सितारा
अपने पूरे कुनबे में था
सबसे ज्यादा प्यारा
नीले अम्बर में
था जो एक सितारा
अपने पूरे कुनबे में था
सबसे ज्यादा प्यारा
छोटा था
पर बहुत तेज था
चमक दूर तक जाती
अपने कुनबे के मुखिया का
वह तारा था नाती
पर बहुत तेज था
चमक दूर तक जाती
अपने कुनबे के मुखिया का
वह तारा था नाती
तभी एक दिन मुखिया ने
खुश होकर उसे पुकारा
खुश होकर उसे पुकारा
जाओ बच्चे
जीवन का
यह बीज लिए तुम जाओ
तुम काबिल हो
अपना सुन्दर सा संसार बनाओ
जीवन का
यह बीज लिए तुम जाओ
तुम काबिल हो
अपना सुन्दर सा संसार बनाओ
सूरज नाम रखा उसका
गोदी में ले पुचकारा
गोदी में ले पुचकारा
बहुत दूर
चलकर सूरज ने
डाला अपना डेरा
एक बनाया अपने मन का
खूब बड़ा सा घेरा
चलकर सूरज ने
डाला अपना डेरा
एक बनाया अपने मन का
खूब बड़ा सा घेरा
और उसी घेरे में फिर
जीवन का बीज उतारा
जीवन का बीज उतारा
उसी बीज से
पैदा हम सब
पृथ्वी कि संतानें
इसीलिए सूरज दादा को
अपना सबकुछ मानें
ख़त्म कहानी, सो जाओ
अम्मा ने किया इशारा
पैदा हम सब
पृथ्वी कि संतानें
इसीलिए सूरज दादा को
अपना सबकुछ मानें
ख़त्म कहानी, सो जाओ
अम्मा ने किया इशारा
- प्रदीप शुक्ल
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