नफ़रती नीम अँधेरों पे ताले रखिये
दिल में भरपूर मोहब्बत के उजाले रखिये
दिल में भरपूर मोहब्बत के उजाले रखिये
ख़ुदा को बन्दग़ी, ईश्वर को पूजिये लेकिन
अपने अंदर के इंसान को पाले रखिये
अपने अंदर के इंसान को पाले रखिये
रिश्तों के कीट - पतंगे सभी फँस जाएँ
बस फँसाने के लिए मोह के जाले रखिये
बस फँसाने के लिए मोह के जाले रखिये
माँ ने रक्खी थी जहाँ रोज़ जलाकर ढिबरी
मन मे महफ़ूज़ वो दालान के आले रखिए
मन मे महफ़ूज़ वो दालान के आले रखिए
कभी जिस बात से तुम बाद मे शर्मिंदा हो
जहां तक हो सके उस बात को टाले रखिए
जहां तक हो सके उस बात को टाले रखिए
जिंदगी के मंच पर सब लोग करतब कर रहे
बस किसी नट की तरह गेंद उछाले रखिये
बस किसी नट की तरह गेंद उछाले रखिये
खुला बाज़ार है, बाज़ार में सब बिकता है
हो सके मुमकिन तो ईमान सँभाले रखिये
हो सके मुमकिन तो ईमान सँभाले रखिये
प्रदीप कुमार शुक्ल
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