उनका इंतजार, उई आवैं
होठ छुएं, गरदन सोहरावैं
काहे अब हमार जिउ जारैं
सखी सजनवा?
ना, ' बौछारैं '
होठ छुएं, गरदन सोहरावैं
काहे अब हमार जिउ जारैं
सखी सजनवा?
ना, ' बौछारैं '
- प्रदीप शुक्ल
उनके साथ ख़ुशी भी उतरी
घर भर में बस ख़ुशबू बिखरी
तीनों पहर उन्हीं के नाम
क्या सखि साजन?
ना सखि ' आम '
घर भर में बस ख़ुशबू बिखरी
तीनों पहर उन्हीं के नाम
क्या सखि साजन?
ना सखि ' आम '
- प्रदीप शुक्ल
देर रात तक मुझे जगाए
दिल धड़के, मुँह को आ जाए
कमरे में आए भूचाल
क्या सखि साजन? ना, फ़ुटबाल
देर रात तक मुझे जगाए
दिल धड़के, मुँह को आ जाए
कमरे में आए भूचाल
क्या सखि साजन? ना, फ़ुटबाल
दिल धड़के, मुँह को आ जाए
कमरे में आए भूचाल
क्या सखि साजन? ना, फ़ुटबाल
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