उसे सोच कर रोना आये
साथ रहे तो रोज़ रुलाये
भाव चढ़े हैं उसके आज
क्या सखि साजन?
न सखि ' प्याज '
साथ रहे तो रोज़ रुलाये
भाव चढ़े हैं उसके आज
क्या सखि साजन?
न सखि ' प्याज '
-प्रदीप कुमार शुक्ल
है वह झुट्ठों का सरदार
सबसे कर्जा लिए उधार
सारे टूट गए अरमान
क्या सखि साजन?
ना, ' इमरान '
सबसे कर्जा लिए उधार
सारे टूट गए अरमान
क्या सखि साजन?
ना, ' इमरान '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
चमके ज्यों कश्मीरी सेब
बातों में है बड़ा फ़रेब
उसके साथ समय का चक्का
क्या सखि साजन?
न सखि, ' कक्का '
बातों में है बड़ा फ़रेब
उसके साथ समय का चक्का
क्या सखि साजन?
न सखि, ' कक्का '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
चेहरा होइगा चुसुआ आम
चारिउ तरफा ते नाकाम
बूढ़ होइ गवा रहै जवान
का सखि साजन?
ना, 'इमरान'
चारिउ तरफा ते नाकाम
बूढ़ होइ गवा रहै जवान
का सखि साजन?
ना, 'इमरान'
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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