महाकवियों
प्रौढ़ साहित्य में
बढ़ती यौनिकता से अगर आप ऊब गए हों
तो थोड़ा बच्चों की दुनिया में विचरण कीजिए
आईये, थोड़े समय के लिए ही सही
इन्द्रधनुष पर बैठ, पैर लटका कर हिलाते हुए कुछ गप्प हांकिये,
आपको अच्छा लगेगा
बढ़ती यौनिकता से अगर आप ऊब गए हों
तो थोड़ा बच्चों की दुनिया में विचरण कीजिए
आईये, थोड़े समय के लिए ही सही
इन्द्रधनुष पर बैठ, पैर लटका कर हिलाते हुए कुछ गप्प हांकिये,
आपको अच्छा लगेगा
असमय बूढ़े होते जा रहे
महाकवियों
आपकी दुनिया के तेजी से बड़े होते बच्चे
आपके इंतज़ार में हैं
महाकवियों
आपकी दुनिया के तेजी से बड़े होते बच्चे
आपके इंतज़ार में हैं
- प्रदीप शुक्ल
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