राहुल गांधी के पास मोदी के भ्रष्टाचार के खिलाफ़ कोई ढंग के तथ्य नहीं हैं. लोकसभा में आज यह साफ़ हो गया.
मेरा अपना मत है कि राहुल को अपनी मासूमियत बचा कर रखनी चाहिए. उनकी मासूमियत में एक अपील है. वह घाघ बनने की कोशिश में आँख मारते हुए लम्पट लगने लगते हैं. जब वह चिल्लाते हैं ' प्रधानमन्त्री चोर है ' तो उनके मुंह से बिलकुल नहीं सुहाता. पता नहीं किस सलाहकार ने उन्हें यह सुझाया है.
अमेरिका चाहता है कि भारत अफ़गानिस्तान में ' बारूदालय ' ' बम्बालय ' और ' मौतालय ' आदि बनाने में उसकी मदद करे.
हम गांधी के भारतवासी वहाँ ' पुस्तकालय ' बनवा रहे हैं, जो शायद अमेरिका को रास नहीं आ रहा.
हाँ अमेरिका चाहे तो हम उनके यहाँ ' सोचालय ' भी बनवा सकते हैं. ट्रंप बब्बा वहाँ सुबह - सुबह थोड़ी देर बैठकर कुछ सोच लिया करो तब बोला करो ( तुम्हारी उम्र में ' सोच ' की समस्या तो खैर लाज़िमी है )
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