पहलवान ककुआ
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पहलवान सब
भुरकुस होइगे
खाय क गिरे पछाड़ा
जीति लिहिन है ककुआ फिरि ते
सबते बड़ा अखाड़ा
भुरकुस होइगे
खाय क गिरे पछाड़ा
जीति लिहिन है ककुआ फिरि ते
सबते बड़ा अखाड़ा
राष्ट्रवाद का
लइकै झंडा
गलिन गलिन उई दउरे
पूछैं सेना ते सवाल
कुछु लोग हियाँ पर बउरे
लइकै झंडा
गलिन गलिन उई दउरे
पूछैं सेना ते सवाल
कुछु लोग हियाँ पर बउरे
जोड़ घटाव नहीं कइ पाए
उल्टा पढ़िनि पहाड़ा
उल्टा पढ़िनि पहाड़ा
धरती सरकति
देखिन दीदी
हुआँ बहुतु फैट्यानी
कांगरेस तौ पूरे द्यास म
माँगि रही है पानी
देखिन दीदी
हुआँ बहुतु फैट्यानी
कांगरेस तौ पूरे द्यास म
माँगि रही है पानी
लेफ्ट क्यार पैजामा गिरिगा
ढीला परिगा नाड़ा
ढीला परिगा नाड़ा
जाति के बंधना
बाँधति रहिगे
सब जातिन के आका
अगर रवैया ना बदलिन
तौ इनका परिहैं फांका
बाँधति रहिगे
सब जातिन के आका
अगर रवैया ना बदलिन
तौ इनका परिहैं फांका
मुला धरम का खूब जोर ते
अबकी सेरु दहाड़ा
अबकी सेरु दहाड़ा
काका अब तो
जीति गयेव तुम
यहि सेरवा का बांधौ
अपने दल के सब सांड़न का
जल्दी - जल्दी नाथौ
जीति गयेव तुम
यहि सेरवा का बांधौ
अपने दल के सब सांड़न का
जल्दी - जल्दी नाथौ
नहीं तो ककुआ देर न लागी
होई देसु कबाड़ा
होई देसु कबाड़ा
- प्रदीप कुमार शुक्ल
( भुरकुस - नन्हे टुकड़ों में टूटना, बउरे - मूर्ख, फैट्यानी - हंगामा किया, फांका - भूखे, सेरु - शेर, नाथौ - बैल,भैंसे आदि को वश में रखने के लिए उनकी नाक छेद कर उसमें रस्सी पिरोना )
( पुनश्च )
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