सीधा दिल पर कीन्हेसि वार
होइगै छूरी आरम्पार
धोखा खाएन, करब बवाल
का सखि साजन?
न, ' राफाल '
होइगै छूरी आरम्पार
धोखा खाएन, करब बवाल
का सखि साजन?
न, ' राफाल '
- प्रदीप शुक्ल
लउटि लउटि कै फिरि फिरि आवै
कोउ भला कब तक गुनु गावै
अबहीं फिरि कीन्हेसि उतपात
का सखि साजन?
ना, ' बरसात '
कोउ भला कब तक गुनु गावै
अबहीं फिरि कीन्हेसि उतपात
का सखि साजन?
ना, ' बरसात '
- प्रदीप शुक्ल
सौंपि दीन हम सब कुछु उनका
करै लाग उई अपने मन का
हमरे मन मा अब डेरु झांका
को सखि साजनु, नाहीं ' काका '
करै लाग उई अपने मन का
हमरे मन मा अब डेरु झांका
को सखि साजनु, नाहीं ' काका '
- प्रदीप शुक्ल
( डेरु - डर )
महँगी परिगै हमका डील
भा हमरे जिउ का जंजाल
का सखि साजन? ना, ' राफाल '
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