आओ बच्चों तुम्हे सुनाएँ
--------------------------
( कवि प्रदीप से क्षमा सहित )
--------------------------
( कवि प्रदीप से क्षमा सहित )
आओ बच्चों तुम्हे सुनाएँ चीखें हिन्दुस्तान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
उत्तर में आदमी मार कर नाम ले रहे गाय का
दक्षिण में भी इंसानों का खून बन रहा जायका
बचा नहीं सम्मान यहां पर न्यायालय की राय का
और लुटेरा बन कर बैठा मालिक यहां सराय का
यही कहानी रोज यहां पर गौरव की, अभिमान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
दक्षिण में भी इंसानों का खून बन रहा जायका
बचा नहीं सम्मान यहां पर न्यायालय की राय का
और लुटेरा बन कर बैठा मालिक यहां सराय का
यही कहानी रोज यहां पर गौरव की, अभिमान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
भरी सड़क पर यहाँ निर्भया धूल खून में लोटी थी
पागल कुत्तों ने जी भर कर नोची उसकी बोटी थी
नेताओं ने मौक़ा देखा सेंकी अपनी रोटी थी
नंगा सारा देश हो गया बची न एक लँगोटी थी
लिखी जा रहीं रोज कथाएं भारत के अपमान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
पागल कुत्तों ने जी भर कर नोची उसकी बोटी थी
नेताओं ने मौक़ा देखा सेंकी अपनी रोटी थी
नंगा सारा देश हो गया बची न एक लँगोटी थी
लिखी जा रहीं रोज कथाएं भारत के अपमान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
देखो यहाँ किसान कर्ज में डूबा चिल्लाता जाए
और माल्या दारू पी लन्दन में मुस्काता जाए
चौकीदार देशभक्ति का गाना बस गाता जाए
भ्रष्टाचारी सिस्टम देश हमारा सब खाता जाए
शान वान सब छोड़ो खैर मनाओ अपनी जान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
और माल्या दारू पी लन्दन में मुस्काता जाए
चौकीदार देशभक्ति का गाना बस गाता जाए
भ्रष्टाचारी सिस्टम देश हमारा सब खाता जाए
शान वान सब छोड़ो खैर मनाओ अपनी जान की
इनको तुम अनसुना न करना चीखें हैं इंसान की
मुश्किल में हैं हम
मुश्किल में हैं हम
- प्रदीप शुक्ल
Comments
Post a Comment