पाती मिले -
काका
दिल्ली, भारत
दिल्ली, भारत
कक्कू परनाम l
हियाँ सब तुमरी दया ते राजी खुसी है l तुम तो साफा बांधे चारिउ तरफ डहकिही रहे हौ l ई सब चैनल, अखबार वाले तुमका देखाय - देखाय जिउ अकच्छ कीन्हे हैं l उमिरि मा तो काका हम तुमते बीस साल छ्वाट होईबे पर हमतो साम तक ख्यातन मा कामु केहे - केहे बोलि जाइति है l हमार तो मुहु छोहारा होईगा मुलु तुम्हार मुहु सेब की तना लाल होय रहा है l दिब्य सक्ती है तुमरे पास l काका, अब फफूंदी वाले ब्यंजन तौ हांगकांग ते आवति न होईहैं l अडानी होर अपने गोईन्ड़े मा बोई देति होईहैं l काका बेसारु हमहुक देवाव l जियति - मरति याक बार दिब्य बेंजन हमहू देखी l
लरिकवा कहति रहै कि पिटरोल थ्वारा महिंगा होइगा है l मारि भिन्नाति रहै l हम डपटि दीन सारे का l हम कहा काका जो कई रहे वही मा तुमार भला आय l मुलु ठीक कीन्हेव काका l गाँव मा लरिकवा सार दिसामैदानौ अब मोटरसाइकिल ते जाय लाग रहें l हम तो कहिति पेट्रोल डीजल मा लगाय देव आगि l भला ई परजा, राजा महराजा केरि बराबरी काहे करै l जहिका द्याखौ वहै मोटर पर चढ़ा घूमि रहा l तुमका अउरु तुमरी पार्टी का तो चलो हक बनति है कि हवाईजहाज, मोटरन पर चलौ, मुलु जनता, उहूं l
काका सुना है कि रैफलै खरीदि रहेव है, फ्रांस ते l देस का रैफलन केरि जरूरत अहै l बढ़िया कीन्हेव l आजु हम टीबी पर द्याखा कि तुमका काल्हि क लरिका चोर - चोर कहि रहा l हमका बहुतु गुस्सा आवा l अरे, पिछली बार जहिका चोर कहे रहेव वही क्यार बदला लई रहे हैं, ई सब बिरोधी l तुम घबरायो ना l जनता तुमरे साथ है l चलो मानि लीन कि तुम अनील का ठेका देवायो l तौ ? अरे बढ़िया आदमी है l वहिके बाप बड़े जुगाड़ ते पईसा कमाईनि l बड़ा भाई वाहिका दुत्कारे है l हमरे अमर भईया क्यार साथी आय l जब गोहराव तो खड़ा मिलति है l अब बिचारे का घाटा होइगा ब्योपार मा l देवालिया होय की कगार पर रहै l थोरी मददि कई दीन्हेव तो यहिमा काहे भग्मच्छरु मचाये हैं सब?
औ काका दुई काम तौ तुम बहुतै कायदे के कीन्हेव l पहिल तौ यहु कि अटल जी बिचारे काफी दिन ते दिक्क रहैं l दसन साल घर ते बाहर नहीं निकसे l उनके फूल लइकै पूरे देस मा गली - गली घुमाय दीन्हेव l केतनी सांती मिली होई उनका l दूसर यहु कि अडवानी दादा का बिल्कुल्लै किनारे लगाय दीन्हेव l बुढ़ापा मा उनहुन क्यार जिउ लायं - लायं करति है l उनते कहौ, मेला उन्खरि गा, दुरिही ते द्याखौ l
बातै तो अउरिव रहैं मुलु फिरि लिखब l अबै तो गइया बंबा रही, जस देसु बंबाय l हम तो पुचकाराब वहिका तुम देस क द्याखौ l
भगवान् तुमका देखे रहै l
भगवान् तुमका देखे रहै l
परनाम l
सुकुल
भउकापुर ते
भउकापुर ते
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