गीत नये गायें
उन्ही पुरानी
बातों को
अब कब तक दुहरायें
नए स्वरों में
नई तरह से गीत नये गायें
बातों को
अब कब तक दुहरायें
नए स्वरों में
नई तरह से गीत नये गायें
कब तक
चाँद निहारे
गोरी खड़े खड़े अँगना
मोबाइल से बात करे
जब याद करे सजना
चाँद निहारे
गोरी खड़े खड़े अँगना
मोबाइल से बात करे
जब याद करे सजना
सजनी बोले -
आयें तो सब्जी लेते आयें
आयें तो सब्जी लेते आयें
फूल-कली पर
भंवरे गायें
गाने दो उनको
माली का बच्चा जो कहता
उसकी बात सुनो
भंवरे गायें
गाने दो उनको
माली का बच्चा जो कहता
उसकी बात सुनो
बप्पा घर में
दाल नहीं है, खाना क्या खायें
दाल नहीं है, खाना क्या खायें
रिमझिम
बारिश की
बातें तो बुधिया ही जाने
कैसे उसकी रात कटी
बिस्तर के पैताने
बारिश की
बातें तो बुधिया ही जाने
कैसे उसकी रात कटी
बिस्तर के पैताने
पुरवाई में
रुदन भरे सुर उसके लहरायें.
रुदन भरे सुर उसके लहरायें.
# डॉ. प्रदीप शुक्ल
15.07.2015
15.07.2015
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