गाँव गया था
गाँव गया था
दर्शन करने
टूटे हुए मकान के
खोजे से भी नहीं मिले पर
खेत हमारे धान के
दर्शन करने
टूटे हुए मकान के
खोजे से भी नहीं मिले पर
खेत हमारे धान के
आँखें मेरी
ढूँढ रही थीं
दो बैलों की जोड़ी
मिली दौड़ती, पर विकास की
केवल लंगड़ी घोड़ी
ढूँढ रही थीं
दो बैलों की जोड़ी
मिली दौड़ती, पर विकास की
केवल लंगड़ी घोड़ी
गायब मिले गाँव से मुझको
बछड़े नई उठान के
बछड़े नई उठान के
संतो बुआ
मिलीं खटिया पर
मिलीं न उनकी बातें
बोल न फूटा, आँखों में हैं
आँसू की सौगातें
मिलीं खटिया पर
मिलीं न उनकी बातें
बोल न फूटा, आँखों में हैं
आँसू की सौगातें
खर्च हो गए हैं इलाज पर
बुंदे दोनों कान के
बुंदे दोनों कान के
गलियारे में
सड़क दौड़ती
बच्चे घर के अन्दर
यूकेलिप्टिस की फुनगी पर
बैठा बूढ़ा बन्दर
सड़क दौड़ती
बच्चे घर के अन्दर
यूकेलिप्टिस की फुनगी पर
बैठा बूढ़ा बन्दर
घर घर में महँगाई डायन
बैठी सीना तान के.
बैठी सीना तान के.
( ' गाँव देखता टुकुर - टुकुर ' से )
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