नया साल बस आते-आते
आ पहुँचा है द्वार
नये साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
आ पहुँचा है द्वार
नये साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
नये साल में भी ये सूरज
पूरब से निकलेगा
लेकिन रामदीन के घर
बस अँधियारा पसरेगा
ऐसा करो जतन कुछ
कुहरा छंट जाए इस बार
नये साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
पूरब से निकलेगा
लेकिन रामदीन के घर
बस अँधियारा पसरेगा
ऐसा करो जतन कुछ
कुहरा छंट जाए इस बार
नये साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
अबकी बरस सुना है फत्ते
गाँव छोड़ जाएगा
बड़का बेटा सूरत में है
वह लेने आएगा
बार-बार पुरखों की डेहरी
फत्ते रहा निहार
नए साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
गाँव छोड़ जाएगा
बड़का बेटा सूरत में है
वह लेने आएगा
बार-बार पुरखों की डेहरी
फत्ते रहा निहार
नए साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
रात-रात भर लाठी लेकर
दौड़ें पीर गुलाम
छुट्टा साँड़ों ने लोगों का
जीना किया हराम
बंदोबस्त करो कुछ इनका
बिनती है सरकार
नये साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
-प्रदीप कुमार शुक्ल
('गाँव देखता टुकुर-टुकुर' से)
दौड़ें पीर गुलाम
छुट्टा साँड़ों ने लोगों का
जीना किया हराम
बंदोबस्त करो कुछ इनका
बिनती है सरकार
नये साल में भईया सबको
मेरी राम जोहार
-प्रदीप कुमार शुक्ल
('गाँव देखता टुकुर-टुकुर' से)
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