सीवर में घुसा आदमी रोबोट नहीं है
पहने है पाखाना कोई कोट नहीं है
पहने है पाखाना कोई कोट नहीं है
जिस को लगी है उसके ज़रा दिल से पूछिए
बाहर से लग रहा है तुम्हे, चोट नहीं है
बाहर से लग रहा है तुम्हे, चोट नहीं है
दौलत तुम्हारे पास है, शोहरत, रसूख़ है
लेकिन तुम्हारे पास बस लंगोट नहीं है
लेकिन तुम्हारे पास बस लंगोट नहीं है
आदमी है रजिस्टर का कागज नहीं हुजूर
ये मानता हूँ आपका वह वोट नहीं है।
ये मानता हूँ आपका वह वोट नहीं है।
तअज्ज़ुब है ख़ुद को समझे है पत्रकार
पैरों में तुम्हारे वो लहालोट नहीं है
पैरों में तुम्हारे वो लहालोट नहीं है
जो चिट्ठियां भेजीं थी कहीं हो गयीं हैं गुम
ज़ाहिर है कि ठीक पता नोट नहीं है
ज़ाहिर है कि ठीक पता नोट नहीं है
नीयत को ज़रा फिर से साफ़ कीजिए हुजूर
देखिये उसमे तो कोई खोट नहीं है
देखिये उसमे तो कोई खोट नहीं है
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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