नवगीतों के महाकुम्भ में
डुबकी लेना
गीतों की बाँसुरी सुनाना, शंख बजाना
तुम भी आना
डुबकी लेना
गीतों की बाँसुरी सुनाना, शंख बजाना
तुम भी आना
तुम आओगे तो आयेंगी साथ तुम्हारे गीतों की धुन
उन्ही धुनों को पहन हवा के पैरों में गूंजेगी रुनझुन
अनदेखे अनसुने गीत को
हम भी चाहेंगे दुलराना
तुम भी आना
उन्ही धुनों को पहन हवा के पैरों में गूंजेगी रुनझुन
अनदेखे अनसुने गीत को
हम भी चाहेंगे दुलराना
तुम भी आना
गीतों के सौदागर शायद आने से परहेज करेंगे
लेकिन नवगीतों के ऋषि मुनि तुमको सारे यहीं मिलेंगे
उनको सुनना, उनको गुनना
उनसे जी भर कर बतियाना
तुम भी आना
लेकिन नवगीतों के ऋषि मुनि तुमको सारे यहीं मिलेंगे
उनको सुनना, उनको गुनना
उनसे जी भर कर बतियाना
तुम भी आना
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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