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सुनौ राम जी कइसे अइहौ?
महिनन ते
सब सहर हियाँ पर
नाव धरि लिहिन पटना
मौतन कय गिनती है केवल
अनगिनतिन दुरघटना
सहर घुसे पानी के अन्दर
पुष्पक कहाँ उतरिहौ?
सुनौ राम जी कइसे अइहौ?
बिरवा काटेन
अंडा फोरेन
औ मेट्रो कय लैन बिछावा
दुई-दुई थपरा सबका मारेन
जउन-जउन फिरि समहे आवा
जहिके नीचे परे जटायू
परभू वहि मेट्रो ते जइहौ?
सुनौ राम जी कइसे अइहौ?
कइसे मारेव
हुआं रावना
फेसबुकन पर दिन भरि घूमै
उठतै गांधी का गरियावै
राम-नाम की कंठी चूमै
कन-कन रावन बसे
राम अब तुम काँ रइहौ?
सुनौ राम जी कइसे अइहौ?
- प्रदीप कुमार शुक्ल

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