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गांधी बाबा अइहौ का?
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अबकी
दुई अकटूबर कइहाँ
गांधी बाबा अइहौ का?
भूखा यहु लरिका आवा है
दूधु जलेबी लइहौ का?
द्याखौ तनिकु
बिटेवा यह तो
हमरी तनका देखि रही
कहौ तो मारी थपरा यहिके
जूठनि हिआं समेटि रही
सब ब्वालैं बसि पीटौ यहिका
तुमहू कुछू बतइहौ का?
काका
आँखिन आंसू भरिकै
तुमका दिन भरि रोय रहे
कहति गंदगी फ्यांकब घर ते
बेकारै मा ढोय रहे
उनका चेहरा तमतमान है
उनका कुछु समझइहौ का?
गलिन गलिन मा
सेना घूमै
सबके घर मा झांकि रही
झउआ के अन्दर बोकरेवा
मारे डेरु के कांपि रही
हमरे गांव म आगि लागि है
बाबा तनी बुझइहौ का?
- प्रदीप कुमार शुक्ल

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