जिन रातों में चाँद न आये अम्मा उसे बुलाओ
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सदियों से
अटकी हो उस पर
आगे तुम बढ़ जाओ
माँ चन्दा मामा को छोड़ो
मंगल को ले आओ
अटकी हो उस पर
आगे तुम बढ़ जाओ
माँ चन्दा मामा को छोड़ो
मंगल को ले आओ
बचपन से
सुनता आया माँ
तुम हरदम ये कहती
सूत कातती हुई चाँद पर
बूढ़ी नानी रहती
सुनता आया माँ
तुम हरदम ये कहती
सूत कातती हुई चाँद पर
बूढ़ी नानी रहती
इस मंगल पर
कौन रह रहा
मुझको ज़रा बताओ
कौन रह रहा
मुझको ज़रा बताओ
चन्दा को
हम मामा कहते
धरती को हम माता
मंगल को क्या कहें भला हम
मुझको समझ न आता
हम मामा कहते
धरती को हम माता
मंगल को क्या कहें भला हम
मुझको समझ न आता
नामकरण
कैसे होगा ये
मुझको तुम समझाओ
कैसे होगा ये
मुझको तुम समझाओ
सुना, बहुत
मिनरल वाटर है
मंगल ग्रह पर अम्मा
आयेगा टंकी भर लूँगा
कहो न मुझे निकम्मा
मिनरल वाटर है
मंगल ग्रह पर अम्मा
आयेगा टंकी भर लूँगा
कहो न मुझे निकम्मा
जिन रातों में
चाँद न आये
अम्मा उसे बुलाओ
चाँद न आये
अम्मा उसे बुलाओ
माँ चन्दा मामा को छोड़ो
मंगल को ले आओ.
मंगल को ले आओ.
- डॉ. प्रदीप शुक्ल
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