ईद आई - ईद आई / प्रदीप शुक्ल
मुस्कराकर तुम ज़रा सा
गले मिल लो आज भाई
ईद आई - ईद आई
गले मिल लो आज भाई
ईद आई - ईद आई
नील नभ के हासिये पर
चाँद आया
इस धरा के कान में
कुछ फुसफुसाया
चाँद आया
इस धरा के कान में
कुछ फुसफुसाया
देखते ही बस
ख़ुशी की लहर छाई
ईद आई - ईद आई
ख़ुशी की लहर छाई
ईद आई - ईद आई
चमकता हामिद की
टोपी का किनारा
सादिया के पास है
जगमग सितारा
टोपी का किनारा
सादिया के पास है
जगमग सितारा
ओढ़नी के पार
अम्मी मुस्कराई
ईद आई - ईद आई
अम्मी मुस्कराई
ईद आई - ईद आई
काश! ऐसा हो कि
हर दिन ईद हो
हर जगह सुख चैन की
बस नींद हो
हर दिन ईद हो
हर जगह सुख चैन की
बस नींद हो
बंद हो इस जहाँ से
ख़ूनी लड़ाई
ईद आई - ईद आई.
ख़ूनी लड़ाई
ईद आई - ईद आई.
- प्रदीप शुक्ल
( रिपोस्ट )
Comments
Post a Comment