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इंदरपाल की औरत
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झिमिर - झिमिर बरसात में घास छीलती इन तीन महिलाओं में से एक है इंदरपाल की औरत l पूछने पर यही नाम पता चला उसका l उसकी कहानी इस चित्र की तरह सुन्दर तो बिलकुल नहीं है l इंदरपाल कुछ साल पहले एक दुर्घटना का शिकार होकर इस दुनिया से विदा हो गए l जाते - जाते इंदरपाल अपनी औरत को दो दुधमुहें बच्चों के साथ दो कमरों का कच्चा मकान भी सौंप गए l विदा हो कर जिस घर में इंदरपाल की औरत आई थी वह भी इस बरसात में विदा हो गया है l
अब दो बच्चों को लिए इंदरपाल की औरत गांव में कहाँ रहती है, मुझे नहीं पता l इतना जरूर पता है कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले पक्के मकान के लिए खूब रिरियाई है l रिरियाई तो वह विधवा पेंशन के लिए भी खूब है पर उसका रिरियाना किसी ने सुना नहीं l
एक सौ बीस रुपये रोज की दिहाड़ी मजदूर ' इंदरपाल की औरत ' से मैं आज मिल नहीं पाया l उसके जाने के बाद यह कहानी मिली सो मैं उसे यहाँ ले आया l
मैं चाहता हूँ कि उसकी कुछ मदद करूं, कैसे, कितनी, अभी यह नहीं सोचा है l पूरा विवरण पता कर आप लोगों को भी सूचित करूंगा शायद कुछ और हाथ भी आगे आयें l
( एक जी जा रही कहानी का अंश )

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