तैयारी, जाने वाला है
लौट नहीं आने वाला है
अब क्या उसका रोना गाना
क्या सखि, प्रेमी?
' साल पुराना '
लौट नहीं आने वाला है
अब क्या उसका रोना गाना
क्या सखि, प्रेमी?
' साल पुराना '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
मफ़लर बांधे, लिए कैलेण्डर
खड़ा हुआ वह दरवाजे पर
चेहरे पर ओढ़े है हर्ष
क्या सखि साजन?
ना, ' नव वर्ष '
खड़ा हुआ वह दरवाजे पर
चेहरे पर ओढ़े है हर्ष
क्या सखि साजन?
ना, ' नव वर्ष '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
रात अँधेरे में वह आये
आये मन निहाल कर जाये
सुबह बजे खुशियों का घंटा
क्या सखि साजन?
नहीं ' सैंटा '
आये मन निहाल कर जाये
सुबह बजे खुशियों का घंटा
क्या सखि साजन?
नहीं ' सैंटा '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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