हम बड़े गर्व से आने वाली पीढ़ियों को बता सकते हैं कि अटल जी जैसे महापुरुष के साथ ही इस पृथ्वी पर हमने भी सांस ली l यह बात ही हमारी पीढ़ी के लोगों के लिए एक उपलब्धि जैसी है l कवि ह्रदय अटल जी पूरे भारत के हर समाज के सर्वमान्य नेता थे l मैं एक अकेली बात जो उनके जीवन से सीखना चाहता हूँ, वह है उदारता l
अटल जी से मेरा कोई व्यग्तिगत परिचय तो नहीं था l लेकिन वह हमारे बहुत अपने लगते रहे, हमेशा l जनवरी सन १९९९ में अटल जी हमारे चिकित्सा विद्यालय, किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ प्रधानमन्त्री के रूप में आए l मौक़ा था हमारे दीक्षांत समारोह का l मंच पर मुझे भी उनका आशीर्वाद मिला l यह मेरे जीवन के बेहतरीन पलों में से एक हैं l
अब अटल जी सशरीर तो हमारे साथ नहीं हैं पर उनके विचार और उनका अद्भुत व्यक्तित्व हमेशा - हमेशा भारतीय जनमानस में रहेगा l
आज अटल जी के लिए श्रद्धांजलि शब्द अचानक से छोटा हो गया है l शब्द और भाव दोनों के लिहाज़ से ।
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