नई बहुरिया दावत ठाने है
काकी बैठे जिरजिरायँ कोऊ
बात न माने है
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
बात न माने है
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
काकी खटिया पर
बरोठ मा
खाँसे जाती हैं
बीच बीच मा काका के
ऊपर चिल्लाती हैं
बरोठ मा
खाँसे जाती हैं
बीच बीच मा काका के
ऊपर चिल्लाती हैं
काका द्याखैं टुकुर टुकुर
बैठे सिरहाने हैं
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
बैठे सिरहाने हैं
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
' ब्लू है पानी - पानी '
वहि पर
नाचि रहे सारे
बहुत देर ते पानी माँगति
काका बेचारे
वहि पर
नाचि रहे सारे
बहुत देर ते पानी माँगति
काका बेचारे
अधखाई थाली कब ते
रक्खी पैताने है
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
रक्खी पैताने है
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
बड़की भौजी
डारे घूँघट
नाचि रहीं जमिकै
नई बहुरिया पैंट पहिन
पूरे आँगन थिरकै
डारे घूँघट
नाचि रहीं जमिकै
नई बहुरिया पैंट पहिन
पूरे आँगन थिरकै
खाँसि खखारति ससुरौ का
वह ना पहिचाने है
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
वह ना पहिचाने है
नए साल मा नई बहुरिया
दावत ठाने है
- प्रदीप कुमार शुक्ल
( ' यहै बतकही है ' संग्रह से )
( ' यहै बतकही है ' संग्रह से )
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