तुम कैसे हो बापू?
रामराज्य की चौड़ी सड़कें
उनमें हम, लाठी ले तड़कें
तुम कैसे हो बापू?
उनमें हम, लाठी ले तड़कें
तुम कैसे हो बापू?
छुटके बापू
नाम तुम्हारा
राष्ट्र संघ में बोलें
यहाँ तुम्हारी धोती,
उनके बचुआ सारे खोलें
नाम तुम्हारा
राष्ट्र संघ में बोलें
यहाँ तुम्हारी धोती,
उनके बचुआ सारे खोलें
सत्य-अहिंसा से हम भड़कें
केवल हिंसा से हम फड़कें
तुम कैसे हो बापू?
केवल हिंसा से हम फड़कें
तुम कैसे हो बापू?
बदल गया है
नहीं रहा
अब भारत गांधी का
खौफ़ खड़ा है आज यहाँ
अणुबम की आंधी का
नहीं रहा
अब भारत गांधी का
खौफ़ खड़ा है आज यहाँ
अणुबम की आंधी का
यहाँ समर के बादल कड़कें
कुछ के दिल धड़कें तो धड़कें
तुम कैसे हो बापू?
कुछ के दिल धड़कें तो धड़कें
तुम कैसे हो बापू?
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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