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बरवै - किरकिट
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लंदन मा फिरि चमकी जब तरवारि
लल्लू घर मा चिंता धरिनि उतारि
कंगारू सब भागे भरिनि छलांग
लल्लू ताकैं टीबी पीसति भांग
गब्बर फेंकिसि बल्ला ताबड़ तोड़
कंगारुन का डारिसि मारि भंभोड़
जीते तबहीं जीति लिहिनि जब टास
कंगारू फिरि लय ना पायिनि सांस
धोनी मारिनि छक्का पाँव बढ़ाय
कोली आँखी फारिन फिरि मुसक्यांय
पंड्या लागति बनि जइहैं युवराज
डुबिहैं सगरे दुसमन केर जहाज
नाटिंघम मा कीवी बइठ तयार
इनते भइया रहेव तनिकु हुसियार
टिम साऊदी फेंकिहैं गेंदु घुमाय
सीमा रेखा परि दीन्हेव पहुँचाय
लल्लू बइठे बातैं रहे बनाय
तुम वहु कीन्हेव तुमका जउन सुहाय
एकु एकु बसि खेला जीतति जाव
हम चाहिति है फिरि ते कपु लइ आव
- प्रदीप कुमार शुक्ल

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