धक् धक् बोले मोरा जिया
सारा बदन सुन्न कर दिया
उससे हुईं जो आँखें चार
क्या सखि साजन?
ना सखि, ' हार '
बना बनावा मूड बिगारिसि
बीच रास्ता ते लौटारिसि
मुसकिल ते अब कटिहै रात
का सखि साजन? ना, ' बरसात '
भले उसे जी भर गरियाऊँ
मगर उसी पर प्यार लुटाऊँ
आज उसी की चर्चा होनी
क्या सखि साजन?
ना सखि ' धोनी '
उसको अब आना ही होगा
कोई नहीं बहाना होगा
उसके लिए किये सब जप तप
क्या सखि साजन? नहीं, ' विश्वकप '
खूब झमाझम बरसा पानी
पर उसकी अपनी मनमानी
उसके बिना रात यह निकली
क्या सखि साजन?न सखि, ' बिजली '
सारा बदन सुन्न कर दिया
उससे हुईं जो आँखें चार
क्या सखि साजन?
ना सखि, ' हार '
बना बनावा मूड बिगारिसि
बीच रास्ता ते लौटारिसि
मुसकिल ते अब कटिहै रात
का सखि साजन? ना, ' बरसात '
भले उसे जी भर गरियाऊँ
मगर उसी पर प्यार लुटाऊँ
आज उसी की चर्चा होनी
क्या सखि साजन?
ना सखि ' धोनी '
उसको अब आना ही होगा
कोई नहीं बहाना होगा
उसके लिए किये सब जप तप
क्या सखि साजन? नहीं, ' विश्वकप '
खूब झमाझम बरसा पानी
पर उसकी अपनी मनमानी
उसके बिना रात यह निकली
क्या सखि साजन?न सखि, ' बिजली '
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