वहिका हम एतना समझाएन
आंखी काढ़ा, गरे लगाएन
लेहे ख़ुदकुशी का सामान
को सखि साजन?
' पाकिस्तान '
आंखी काढ़ा, गरे लगाएन
लेहे ख़ुदकुशी का सामान
को सखि साजन?
' पाकिस्तान '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
जब से उसको भेजा घर से
दुआ मांगती हूँ अम्बर से
उसमे ही अटकी है जान
क्या सखि साजन?
ना, ' प्रज्ञान '
दुआ मांगती हूँ अम्बर से
उसमे ही अटकी है जान
क्या सखि साजन?
ना, ' प्रज्ञान '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
( प्रज्ञान - लैंड रोवर )
अड्ड-बड्ड जानै का ब्वालैं
घर मा बम की सुतरी ख्वालैं
पइसन ते उई हैं हलकान
को सखि साजन?
ना, ' इमरान '
घर मा बम की सुतरी ख्वालैं
पइसन ते उई हैं हलकान
को सखि साजन?
ना, ' इमरान '
- प्रदीप कुमार शुक्ल
रूठे-रूठे क्यों हो प्यारे
तुम तो जन्मों जनम हमारे
आ जा हर लूं सारी पीर
क्या सखि साजन?
ना, ' कश्मीर '
रूठे-रूठे क्यों हो प्यारे
तुम तो जन्मों जनम हमारे
आ जा हर लूं सारी पीर
क्या सखि साजन?
ना, ' कश्मीर '
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