एकु, दुई, तीन, चारि, पांच
एकु, दुई, तीन, चारि, पांच
सूरज देउता तेज किहिन आंच
छः, सात, आठ, नौ, दस
भैंसी बोली अब ल्वाटब बस
सूरज देउता तेज किहिन आंच
छः, सात, आठ, नौ, दस
भैंसी बोली अब ल्वाटब बस
साथी जाओ तुम अपने इस्कूल
बस्ता द्याखौ कहूं न जायो भूल
करिया अच्छर लिखिकै, पढ़ेव किताब
हम तो साथी अबै तनिकु सुस्ताब
बस्ता द्याखौ कहूं न जायो भूल
करिया अच्छर लिखिकै, पढ़ेव किताब
हम तो साथी अबै तनिकु सुस्ताब
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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