ओ मयंक !
चाँद तुम्हारे दर पर बैठा
भूखा प्यासा छौना
भूखा प्यासा छौना
इतने तो निर्दयी न थे तुम
राकापति, राकेश
मामा, तुम धरती अम्मा के
भाई रहे विशेष
राकापति, राकेश
मामा, तुम धरती अम्मा के
भाई रहे विशेष
लेकिन हमको प्यार तुम्हारा
दिखता औना पौना
दिखता औना पौना
घायल है प्रज्ञान हमारा
तुमने खींच गिराया
पल भर को यूं लगा कि जैसे
तुमने गले लगाया
तुमने खींच गिराया
पल भर को यूं लगा कि जैसे
तुमने गले लगाया
हमने सौंपा था तुमको
माथे पर लगा डिठौना
माथे पर लगा डिठौना
ओ मयंक, कुछ करो सोम तुम
फिर चल दे प्रज्ञान
विक्रम को तुम सीधा कर दो
उसके भीतर जान
फिर चल दे प्रज्ञान
विक्रम को तुम सीधा कर दो
उसके भीतर जान
अभी तुम्हारे तप के आगे
मनुज दिख रहा बौना
मनुज दिख रहा बौना
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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