मुजफ्फरपुर का भोला
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जिद कर बैठा चाँद एक दिन
अम्मा से फिर बोला
कुछ तो पता करो मम्मा
अब दिखे न अपना भोला
अम्मा से फिर बोला
कुछ तो पता करो मम्मा
अब दिखे न अपना भोला
अम्मा बोली पता किया
वह रूठ गया है प्यारे
और यहीं तारों में छुप कर
बैठा कहीं किनारे
वह रूठ गया है प्यारे
और यहीं तारों में छुप कर
बैठा कहीं किनारे
उसकी अम्मा खोज रही है
मुझको आये रोना
मुझको घूर रहा है
उसके घर का खाली कोना
मुझको आये रोना
मुझको घूर रहा है
उसके घर का खाली कोना
रूठ रूठ कर चले आ रहे
कितने नन्हे तारे
अभी जश्न में डूबे हैं पर
राजा - मंत्री सारे
कितने नन्हे तारे
अभी जश्न में डूबे हैं पर
राजा - मंत्री सारे
ठंड बहुत है, भूखा भी है
अम्मा अपना भोला
तुम कह दो तो पहना दूँ मैं
तेरा वही झिंगोला.
अम्मा अपना भोला
तुम कह दो तो पहना दूँ मैं
तेरा वही झिंगोला.
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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