कंप्यूटर के संग
कंप्यूटर ने बदल दिया है
जीने का सब ढंग
जीने का सब ढंग
पापा
ऑफिस से लौटें
फिर उसमे घुस जायें
लैपटॉप में सारा ऑफिस
घर पर ले आयें
ऑफिस से लौटें
फिर उसमे घुस जायें
लैपटॉप में सारा ऑफिस
घर पर ले आयें
चाय बनाने मम्मी जायें
मोबाइल के संग
मोबाइल के संग
दीदी
कॉलेज से लौटी
कुछ उखड़ी उखड़ी हैं
टैग हुई पिक्चर में
वह कुछ दिखती तगड़ी हैं
कॉलेज से लौटी
कुछ उखड़ी उखड़ी हैं
टैग हुई पिक्चर में
वह कुछ दिखती तगड़ी हैं
उनको लगता चेहरे का
कुछ दबा हुआ है रंग
कुछ दबा हुआ है रंग
टचस्क्रीन पर
ऊँगली सबकी
नाच रहीं दिन भर
चैटिंग का सिलसिला न टूटे
चलते हुए डगर
ऊँगली सबकी
नाच रहीं दिन भर
चैटिंग का सिलसिला न टूटे
चलते हुए डगर
चेहरे पर हैरानी दिखती
दिखती कभी उमंग
कंप्यूटर ने बदल दिया है
जीने का सब ढंग
दिखती कभी उमंग
कंप्यूटर ने बदल दिया है
जीने का सब ढंग
- प्रदीप कुमार शुक्ल
( " गांव देखता टुकुर - टुकुर " से )
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