चाँद बाबू, हम आ गए
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चाँद हमारे छत के ऊपर
मंद-मंद मुस्काता है
चंद्रयान-दो, उसके खातिर
नया खिलौना लाता है
मंद-मंद मुस्काता है
चंद्रयान-दो, उसके खातिर
नया खिलौना लाता है
चंद्रयान भैया को हमने
अपनी कक्षा भेजा था
पता चला वह चन्दा की
कक्षा में शोर मचाता है
अपनी कक्षा भेजा था
पता चला वह चन्दा की
कक्षा में शोर मचाता है
विक्रम पर बैताल नहीं
प्रज्ञान चढ़ा है कंधे पर
देखो चंदा के ऊपर वह
कैसा खेल दिखाता है
प्रज्ञान चढ़ा है कंधे पर
देखो चंदा के ऊपर वह
कैसा खेल दिखाता है
चंदा मामा, माँ ने कुर्ता
भेजा है ढीला-ढाला
पता नहीं लेकिन तुमको क्या
उसे पहनना आता है
भेजा है ढीला-ढाला
पता नहीं लेकिन तुमको क्या
उसे पहनना आता है
देखो यह प्रज्ञान हमारा
बिलकुल है सीधा-सादा
चंदा रखना ध्यान,
हमारा जी रह-रह घबराता है
बिलकुल है सीधा-सादा
चंदा रखना ध्यान,
हमारा जी रह-रह घबराता है
- प्रदीप कुमार शुक्ल
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