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आग आपके घर में भी लग सकती है - 1
सूरत के विज़ुअल्स टीवी पर देखे नहीं जाते. मैंने हर बार बच्चों को बिल्डिंग से झुण्ड में कूदते देख आखें बंद कर लीं या टीवी का चैनल बदल दिया. लेकिन क्या आँखें बंद करने भर से बच्चे जीवित रहेंगे? नहीं. किसी दुर्घटना में वीडिओ बना रहे लोगों की भी जांच होनी चाहिए कि क्या वे पीड़ितों की मदद भी कर सकते थे या मदद करने की स्थिति में बिलकुल नहीं थे.
अमूमन कहीं आग लगने पर भारत में फायर फाईटर्स के आने में आधे घंटे से एक घंटे का समय लग जाता है. उस समय वहाँ उपस्थित मानव समूह आखिर क्या कर सकता है? इसका कोई समुचित दिशानिर्देश मुझे नेट पर भी नहीं मिला. लेकिन एक बात तो तय है कि हम वहाँ भीड़ लगाकर वीडिओ बनाते तो नहीं ही खड़े रह सकते, हाथ बांधे खड़े रहें तो भी चलेगा.
ऊंची बिल्डिंग में आग लगने पर एक बात मुझे एकदम से सूझती है, वह है गद्दे इकट्ठे करने की. अगर रिहायशी इलाका है तो हर घर से एक गद्दा तो मिल ही सकता है. यदि मार्केट है तो आसपास कोई टेंट हाउस या उसका फोन नं मिल सकता है.
यदि आप स्वयं किसी आग लगी बिल्डिंग में फँस जाएँ तो क्या करें, क्या न करें इस पर कुछ बातें अगली पोस्ट पर.

आग आपके घर में भी लग सकती है - 2
जहां हम रहते हैं वहाँ पर तो सीढ़ियों और दरवाजों की स्थिति का हमें अंदाजा रहता है. आपात स्थिति में हम अँधेरे में भी उनका इस्तेमाल कर सकते हैं. असली परेशानी तब होती है जब हम किसी नई इमारत में हों जैसे होटल, धर्मशाला आदि.
ज्यादातर ठीक - ठाक होटलों में कमरे के दरवाजे के पीछे फायर एग्जिट प्लान चिपका रहता है. सबसे पहले कमरे में घुस कर फायर एग्जिट प्लान देखने की आदत बनाइये. मोटा मोटी एग्जिट रास्ते को दिमाग में बैठा लीजिये. कमरे से निकल कर हमे बायीं या दायीं तरफ कितनी दूर जाना होगा सीढियों के लिए. होटलों में ऊपरी मंजिलों में भूल भुलैया वाली गलियाँ होती हैं अक्सर रोशनी में और शांत चित्त रहते हुए ही हम अपने कमरे को या लिफ्ट की जगह को भूल जाते हैं. आप सोचिये जब आग लगी हो और अन्धेरा हो तो क्या होगा.
बड़े होटलों में यहाँ हमने एक समस्या पाई. जब हम फायर एग्जिट सीढियों से किसी दूसरे फ्लोर पर जाना चाहते हैं तो दरवाजा अन्दर से नहीं खुलता. शायद यह उस फ्लोर पर अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए किया गया होगा. अब मान लीजिये नीचे के फ्लोर पर आग लगी है और आप चौथी मंजिल पर हैं. आपको पता चला और आप धडधडाते हुए सीढियों से पहली मंजिल पर पहुँच कर वहाँ से कूदना चाहते हैं ताकि चोट कम लगे. आप पाते हैं कि पहली मंजिल पर जाने का दरवाजा बाहर से बंद है. अब आप क्या करेंगे? अब आप वापस अपने फ्लोर पर भी नहीं जा सकते. अब आप जोर - जोर से चिल्लाइये दरवाजा भड़भड़ाइए, इतनी जोर से कि कोई आप को सुन सके.
' आग लगी है - आग लगी है बाहर भागो ' आपको बाहर भागते हुए भी चिल्लाना है अगर फायर अलार्म नहीं चालू हुआ है और आपको फायर अलार्म स्विच नहीं दिखाई पड़ रहा है.
होटल के कमरे में सोते समय आपका फोन तो आपके पास हाथ की दूरी पर रहता ही है आप अपना पर्स और पैसे भी सिरहाने की टेबल या दराज में एक निश्चित स्थान पर ही रखिये. आपातकालीन स्थिति में आप फोन और पर्स / पैसों पर झपट्टा मारिये बस. और किसी चीज के बारे में आपको नहीं सोचना है. चप्पल और पैंट की चिंता भी मत कीजिए. हाँ बगल में सो रहे पत्नी / पति / दोस्त को जरूर जगा लें.
नोट : यह सुनिश्चित कर लें कि आग वाकई लगी है, अलार्म बज रहा है, लोग भाग रहे हैं. कहीं ऐसा न हो कि आप सपने में आग देखें और दिगंबर अवस्था में ही सीढियों से धड़धड़ाते हुए नीचे पहुंचे. लोग नाश्ता करते हुए आपको घूरने लगेंगे, बस. इसमें कोई जान का ख़तरा नहीं होगा.
क्रमशः ....

आग आपके घर में भी लग सकती है - 3
कभी जब आपको फायर अलार्म सुनाई दे या शोर सुनाई दे तो उसे अनसुना मत करिए. अगर आपको अपने कमरे में धुआं महसूस हो तो उछल कर फर्श पर खड़े मत हों. बिस्तर से लुढ़क कर नीचे रेंगते हुए चलें.
अभी आपका दरवाजा बंद है और धुआं अन्दर आ रहा है तो दरवाजा मत खोलिए. तौलिया गीला कर दरवाजे के नीचे दरार पर ठूंस दीजिये. हो सकता है बाहर अभी आग न पहुंची हो. इसे जांचने के लिए दरवाजे के हैंडल को या दरवाजे के ऊपरी हिस्से को हाथ के पृष्ठ भाग से गरमी महसूस कीजिए. अगर बाहर आग मौजूद है और आपके पास कोई दूसरा रास्ता संभव है तो दरवाजा मत खोलिये.
अगर दरवाजे के बाहर आग और धुआं है और आपने कमरे में राहत मिलने तक रहने का निश्चय किया है तो खिड़की खोलने से पहले दरवाजे की तरफ की सभी दरारें अखबार, कपड़े से बंद करें. नहीं तो खिडकी खोलते ही दरवाजे की दरारों से धुंआ अन्दर घुस आयेगा.
कमरे के बाहर आग नहीं है और धुंआ ज्यादा नहीं है तो आप बाहर निकलिए संयत और तेज चाल में बाहर निकलिए. फायर एग्जिट प्लान यदि कमरे के दरवाजे पर है तो उसे फिर से देख लीजिये.
बाहर निकलते हुए अपना दरवाजा बंद कर दीजिये, ताकि अन्दर आग न फैले, दूसरे दरवाजे खटखटाते जाइए, चिल्लाते जाइए और फायर विभाग को या पुलिस को फोन लगाइए.
यदि धुंआ है तो जमीन पर कुहनी घुटनों के बल रेंगते हुए चलिए. बालों और चहरे पर गीला तौलिया लपेटिये. आग को पार ही करना हो तो चेहरे पर हाथ रखिये, सांस रोकिये और तेजी से भागिए. कपड़ों में आग लग जाए तो फर्श पर पलटी खाइए.
नोट : अपने मोबाइल के प्ले स्टोर में जाइए, " 112 " नाम का ऐप डाउनलोड कीजिए. रजिस्ट्रेशन के पश्चात आपको ऐप खोलते ही स्क्रीन पर फायर का पैनिक बटन दिखाई पडेगा. बस आपको एक बार वह पैनिक बटन छू लेना है. आपकी लोकेशन सम्बंधित विभागों और पुलिस को पहुँच जायेगी और आप तत्काल खोज लिए जायेंगे, बशर्ते आपका फोन नेट से जुड़ा रहे. यह ऐप काम करता है, मैंने खुद आजमाया है.
क्रमशः ...

आग आपके घर में भी लग सकती है - 4
अगर आप कमरे में फँस गए हैं तो आग की तरफ के जितने दरवाजे बंद कर सकते हैं बंद कीजिए. दरवाजों के नीचे की दरार में गीला कपड़ा ठून्सिये. खिडकी का कांच तोड़ कर बाहर आते हैं तो टूटी हुई खिड़की पर कम्बल या तकिया रखिये फिर सरकिए ताकि कांच न चुभे. आप बहुमंजिली इमारत में फंसे हैं और आपके फ्लोर पर आग लगी है तो चादर. साड़ी, जींस की रस्सी बनाइये और नीचे वाले फ्लोर की बालकनी में कूद जाईये. पहली मंजिल से सीधे जमीन पर कूदने के बजाय रेलिंग पकड़ कर लटकिये फिर कूदिये ताकि कम चोट लगे.
100 नं डायल कीजिए अपनी लोकेशन बताइये और लगातार संपर्क में रहिये. 112 ऐप से फायर पैनिक बटन दबाइए. अपनी पूरी लोकेशन और स्थिति अपने परिचित को भी दीजिये ताकि आपके फोन की बैटरी ख़त्म होने पर वह आपको खोजने में मदद करे.

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