! तेज़ पुराण !! तहलका में खूब तहलका मचा है खेल हुआ ख़त्म अब क्या बचा है !! तेजपाल निश्तेज हो गए , बुरे हैं अब हालात लिफ्ट नहीं सीढ़ी से अब तो जायेंगे हवालात !! उनके क्रिया कलापों पर है , अब गंभीर सवाल हफ्ते भर से मीडिया में , छाया यही बवाल !! बेटी की उम्र की महिला से , उत्पीड़न का आरोप कई तरह की धाराएं , दी गयी हैं थोप !! तेजपाल के अनुसार ये है विरोधियों का वार मैं तो दूध का धुला हूँ हाँ तबियत का थोड़ा खुला हूँ दारू पीकर थोड़ा मज़ाक कर रहा था बस इधर उधर थोड़ा तांक झाँक कर रहा था आखिर मैं उसका बॉस हूँ ऊपर से मैं कुछ ख़ास हूँ मैंने मीडिया जगत में तहलका मचाया है सबको खुफिया कैमरे का इस्तेमाल सिखाया है उसी कैमरे की वजह से आज मैं परेशान हूँ आगे क्या होगा यही सोच कर हैरान हूँ ये हमारे खिलाफ एक राजनैतिक साजिश है सबको हमारी चोटी खींचने की ख्वाहिश है ............................................. ............................... समय की कमी के कारण पुराण का प्रथम अध्याय यहीं समाप्त होता है ... अगले अध्याय सहित फिर हाज़िर होंगे बोलो किशन कन्हैया की जय !! 37 You, Sandeep Shukla, DrSaurabh Bajpai...
जो सपने हों, सब अपने हों, सपनों का मर जाना कैसा मन की बातें, चाहे तो आप कविता - कहानी, गद्य - पद्य भी कह सकते हैं.
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