सावन का यह घाम
यूं तो मन को
मोह रही है
अच्छे दिन की शाम
असहनीय हो जाता लेकिन
सावन का यह घाम
मोह रही है
अच्छे दिन की शाम
असहनीय हो जाता लेकिन
सावन का यह घाम
सपनों में
फूलों के झूले पर
झूलें गिरधारी
आंख खुली तो देखा घर में
बनी नहीं तरकारी
फूलों के झूले पर
झूलें गिरधारी
आंख खुली तो देखा घर में
बनी नहीं तरकारी
छुटका रिरियाता है कल से
बापू लाओ आम
बापू लाओ आम
राष्ट्रपति ,
उपराष्ट्रपति को
पूरा देस निहारे
रामपती का पति भोर से
दारू पिए, उघारे
उपराष्ट्रपति को
पूरा देस निहारे
रामपती का पति भोर से
दारू पिए, उघारे
अभी अभी निपटाकर लौटी
चार घरों का काम
चार घरों का काम
दौड़ रहा
सेंसेक्स हमारा
निफ्टी भरे छलांगें
लिए तिरंगा अली, कार के
पीछे पीछे भागे
सेंसेक्स हमारा
निफ्टी भरे छलांगें
लिए तिरंगा अली, कार के
पीछे पीछे भागे
सीवर से मर कर लौटे हैं
भोलू, राजाराम
भोलू, राजाराम
यूं तो मन को
मोह रही है
अच्छे दिन की शाम
असहनीय हो जाता लेकिन
सावन का यह घाम
मोह रही है
अच्छे दिन की शाम
असहनीय हो जाता लेकिन
सावन का यह घाम
- प्रदीप शुक्ल
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