मेघा आये रे
बिजुरी चमकी
धरती महकी
दादुर गाये रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
धरती महकी
दादुर गाये रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
धरती चूम चले पुरवाई
छप्पर ऊपर बेल लजाई
पतली कमर लचक जाती है
लिपटी है वह सौ बल खाई
बस मुंडेर की कग्गर उससे
छूट न जाए रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
छप्पर ऊपर बेल लजाई
पतली कमर लचक जाती है
लिपटी है वह सौ बल खाई
बस मुंडेर की कग्गर उससे
छूट न जाए रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
आसमान का पूरा आँगन
बादल दौड़ रहे घोड़ा बन
आतिशबाजी करे बिजुरिया
बूँदें नाचे छनन छनन छन
तान लगाकर झींगुर
राग कहरवा गाये रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
बादल दौड़ रहे घोड़ा बन
आतिशबाजी करे बिजुरिया
बूँदें नाचे छनन छनन छन
तान लगाकर झींगुर
राग कहरवा गाये रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
टपक रही छत कोने कोने
गीले सारे हुए बिछौने
घुस आया पानी दालान तक
खटिया मचिया लगा भिगोने
सिर पर बोरी डाले कक्का
छत पर धाये रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
गीले सारे हुए बिछौने
घुस आया पानी दालान तक
खटिया मचिया लगा भिगोने
सिर पर बोरी डाले कक्का
छत पर धाये रे
मेघा आये, मेघा आये
मेघा आये रे
- प्रदीप शुक्ल
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